सृष्टि की रचाना कैसे हुई इस पर कई सारी धारणाए है। हमने पाश्चात्य विचारधारा के अनुसार बिग बैंग धारणा के बारे में सुना है अलग अलग पंथ की अलग अलग धारणाए है ज़्यादातर पंथ यही मानते है की ईश्वर ने रचना की और विज्ञान इसके बिलकुल विपरीत जाता है खैर , दोनों ही विचारधारा की अपनी अपनी सीमाएं है विज्ञान हो सकता है ये साबित करके दिखाए की सृष्टि की रचना ख़ुद हुई पर इसका जवाब विज्ञान के पास भी नहीं है की मानव में चेतनता किसने भरी या क्यों सृष्टि में मरण और जीवन का अस्तित्व है। पर भारतीय विचारकों ने ये जवाब बिलकुल तार्किक रूप से जाना और समझाया है। तो हमारे ऋषि थे बहुत जज्ञासु कोई प्रश्न उत्पन्न होता तो उसका जवाब बिना नहीं रहते उसमे ये प्रश्न हुआ की ये सृष्टि की रचना कैसे हुई ? ये मान लेना की ऐसे ही सूर्य, अपनी जगह चंद्र ,अपनी जगह स्थित हो गए तो ये बात बहुत विचित्र सी है इसमें कोई संदेह है की कोई तत्त्व है जिसने इस सृष्टि को जन्म दिया है , जैसे हमें कोई जन्म देने वाला है वैसे ही इस सृष्टि को भी कोई न कोई जन्म देने वाला होगा ही इसी सी कई विचारधारए या विकल्प खोज न...